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नई दिल्ली/ओटावा
कनाडा से 10 लाख भारतीयों को डिपोर्ट किए जाने की खबरें पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन हैं। आधिकारिक आंकड़े इन दावों की पुष्टि नहीं करते।
कनाडा बॉर्डर सर्विस एजेंसी (CBSA) के अनुसार, वर्ष 2025 में जनवरी से अक्टूबर के बीच केवल 2,831 भारतीय नागरिकों को ही देश से वापस भेजा गया है, जबकि सोशल मीडिया पर लाखों लोगों के डिपोर्ट होने की अफवाहें फैलाई जा रही हैं।
भारतीय सूत्रों का कहना है कि वास्तविक रूप से डिपोर्ट किए गए भारतीयों की संख्या 200 से भी कम है। कनाडा के आंकड़ों में उन लोगों को भी शामिल किया जाता है, जो स्वेच्छा से वापस लौटे या प्रशासनिक कारणों से देश छोड़ा।
विशेषज्ञों के अनुसार, स्थायी निवासी (PR) और कनाडाई नागरिकों को डिपोर्ट नहीं किया जा सकता, जब तक वे किसी गंभीर अपराध में शामिल न हों। डिपोर्टेशन की प्रक्रिया मुख्य रूप से अस्थायी वीज़ा या परमिट पर रह रहे लोगों पर ही लागू होती है।
हालांकि कनाडा सरकार की 2025–27 की नीति अस्थायी निवासियों की संख्या कम करने पर केंद्रित है, लेकिन नए वर्ष 2026 में भी लगभग 3.85 लाख अस्थायी निवासियों को वीज़ा दिया जाएगा, जिससे यह स्पष्ट है कि 10 लाख भारतीयों को डिपोर्ट किए जाने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है।
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